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चिंता क्या है |चिंता कब-क्यों और कैसे होती है|What is anxiety in hindi??

चिंता क्या है |चिंता कब-क्यों और कैसे होती है|What is anxiety in hindi??

नमस्कार दोस्तों मैं शायर राठौड़ स्वागत करता हूँ आप सबका हमारी अपनी website shayarallinone पर दोस्तों आज मैं एक ऐसा टॉपिक लेकर आया हूँ जिस पर विचार किया जाये तो चिंता नाम के शब्द को जड़ से ख़त्म किया जा सकता है! आज का आर्टिकल है चिंता क्या है?चिंता कब-क्यों और कैसे होती है|What is anxiety in hindi??

चिंता क्या है What is anxiety??

ऐसा मनोवैज्ञानिक घटक है जो व्यक्ति के मन से प्रकट होता है! जब किसी चीज़ का भय व्यक्ति को शताने लगे तो उसी को चिंता कहते है! चिंता के कई रूप है जैसे : निर्णय लेने में हो रही चिंता, समय की चिंता, नौकरी की चिंता, अपनी चिंता, अपनों की चिंता! बीमारी की चिंता, भूत वर्तमान भविष्य की चिंता इस प्रकार चिंता के कई रूप है! चिंता एक ऐसी दशा है जो व्यक्ति की भावनाओ से जुडी होती है! चिंता व्यक्ति के अंदर भय के विचार बना देती है!

When and why does anxiety happen??|चिंता कब क्यों और कैसे होती?

अक्षर लोग यही सोचते है की चिंता की नहीं जाती हो जाती है! लेकिन होता ऐसा नहीं है चिंता व्यक्ति स्वयं करता है तभी होती है! जब किसी चीज का भय लगने लगे तब चिंता होनी शुरू हो जाती है! चिंता का कोई समय तय नहीं होता की वो कब हो?? वो विशेषकर चिंता तब होती है जब व्यक्ति सोचता अधिक है! करता कुछ नहीं तब उसके लिए चिंता का विषय बन जाता है! जब परिस्थितियां व्यक्ति के अनुकूल नहीं हो तो तब वह चिंता करने लगता है!

How to overcome anxiety??|चिंता को दूर कैसे किया जाये / चिंता कैसे ख़त्म हो सकती है

चिंता क्या है-चिंता स्वभाविक है कभी ना कभी किसी ना किसी कारण से इंसान को हो जाती है! लेकिन चिंता एक समय के लिए होना कोई बड़ी बात नहीं लेकिन उस चिंता को रखना बहुत बड़ी बात है! जो अपनी सोच को सकारात्मक रखेगा उसको कभी किसी बात की चिंता नहीं होगी! एक बात हमेशा अपने जहन में रखनी चाहिए की चिंता करने से चिंता का हल नहीं निकलेगा! अपने आप से यह सवाल करो की चिंता करने से क्या आपकी चिंता कम हुई?? जवाब यही मिलेगा “नहीं”, तो फिर मेरा कहना है चिंता किस बात की! जब व्यक्ति परेशानियों से बचना नहीं उसका हल निकालना शुरू कर देता है उस व्यक्ति को कभी चिंता नहीं होगी! जो व्यक्ति मौत का भय रखता हो और उसकी चिंता करता हो तो उनसे मेरा कहना है अजर अमर कोई नहीं हुआ!

दुनिया में अगर कुछ निश्चित है तो वो है मौत जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु भी तय है!

कभी मौत की चिंता ना करो! अपने कर्म अच्छे रखो सब आपके कर्म पर निर्भर करता है! मौत के बाद भी अगर कुछ अमर रहता है तो व्यक्ति के अच्छे कर्म और उसकी अच्छी यादे! इसलिए जब तक जिओ शान से जिओ बिना किसी चिंता के जिओ और हमेशा अपने कर्म अच्छे रखो! किसी महापुरष ने सही कहा है की चिता व्यक्ति को एक बार मारती है लेकिन चिंता व्यक्ति को हर रोज मारती है! कभी किसी का सिर्फ चिंता करने से कोई हल निकला है! चिंता नाम की बीमारी को अगर जड़ से मिटाना हो तो स्वयं को सदा एक सकारात्मक सोच रखने वाला व्यक्ति बना लो! अगर आप सच में किसी के लिए या फिर अपने लिए कुछ करना चाहते है तो उसकी परवाह कीजिए चिंता नहीं ! और कुछ ऐसा कीजिए की आपको खुद पर और जिनके लिए आप कुछ कर रहे है उनको आप पर गर्व हो!

चिंता पर मैंने हिंदी कोट्स लिखे है जरूर पढ़े और समझे  anxiety quotes in hindi : 

चिंता पर मैंने हिंदी कोट्स लिखे है जरूर पढ़े और समझे  anxiety quotes in hindi : 

जब भी मन में चिंता का कोई ख्याल आये तो खुद से यह सवाल जरूर करना की चिंता करके मिला क्या क्या चिंता ख़त्म हुई , फिर चिंता क्यों??

चिंता से मुक्ति तभी सम्भव है! जब आप चिंता की चिंता करनी छोड़ देंगे !

चिता और चिंता में ज्यादा कुछ अंतर नहीं एक लुप्त हो जाती है तो दूसरी लुप्त करती रहती है!

चिंता करने से कभी चिंता का हल नहीं निकला कर्म करने से ही चिंता का निवारण होता है!

जिस प्रकार आलस्य व्यक्ति का महान शत्रु है! तो दूसरा शत्रु चिंता है और अगर एक सफल व्यक्ति बनना है तो दोनों को ख़त्म करना पड़ेगा!

Worry quotes in hindi | चिंता कोट्स इन हिंदी

मनुष्य जीवन बार बार नहीं मिलता अगर इसे चिंता में ही गवां दिया तो फिर जीवन का कोई अर्थ नहीं सब व्यर्थ है!

चिंता से कभी किसी का हल नहीं निकला है हाँ परेशानियां जरूर बढ़ी है!

एक समय के लिए चिंता हो जाना स्वाभाविक है लेकिन उस चिंता को दूर करना आपका कर्तव्य है! समय पर अपना कर्तव्य नहीं निभाया गया तो चिंता अपना कर्तव्य निभाती है! जब आप अपना कर्तव्य निभाने लगे तो चिंता नाम का शब्द आपके जीवन के शब्दकोश से हमेशा के लिए समाप्त हो जायेगा!

चिंता उसे होती है! जो  सिर्फ सोचता रहता है और करता कुछ नहीं उस व्यक्ति को चिंता होती है!

आदमी चिंता में अंदर से घुटने लगता है! घुट घुट कर जीने से अच्छा चिंता को ही ख़त्म करदो!

कुछ लोगो का मानना है चिंता को मिटाना इतना आसान नहीं है! लेकिन सच यह है की कुछ भी असंभव नहीं कोशिश करने पर हर चिंता का हल निकल सकता है!

चिंता क्या है-चिंता से बाहर निकलने के कुछ टिप्स Some Tips to Relieve Anxiety 

चिंता से बाहर आने के लिए आप अपने आप को तैयार कर लीजिए की मुझे इस घुटन भरी चिंता से छुटकारा पाना है! एक बार ठंडे दिमाग से सोचिए की चिंता करने से आपकी चिंता का हल नहीं निकल पाया?? तो फिर चिंता करे ही क्यों?? कई बार होता यह है की बार बार चिंता करने से व्यक्ति डिप्रेशन में चला जाता है! उस समय आपको जरूरत पड़ती है मेडिसन की! आप डॉक्टर को भी दिखाए! मेरा मानना है की आप अगर मेरे बताये अनुसार चलोगे तो कभी जरूरत नहीं पड़ेगी डिप्रेशन में आने की!

 

चिंता को ख़त्म करने के लिए खुश रहना सीख लीजिए! ख़ुशी खुशी रहोगे तो कभी चिंता नहीं होगी! कभी अगर पैसो का नुकसान भी हो जाए तो लोग चिंता में आ जाते है! उनसे मेरे कहना है गए तो पैसे ही है आप तो नहीं?? आप रहेंगे आपके अंदर काबिलियत है वो पैसे फिर से कमा सकते हो! चिंता करके क्या उखाड़ लोगे?? अपने शरीर का  नुकसान करोगे इससे अच्छा चिंता ही मत करो! फिर कुछ अच्छी कोशिश करो!

 

जीवन एक संघर्ष से भरा है! इसमें सिर्फ कागजों के एग्जाम ही नहीं दिए जाते! जीवन के कई एग्जाम बिना कागजों के दिए जाते है! और इस जीवन के एग्जाम के गुरु आप होते है और शिष्य भी आप! जब आपके कागज़ी एग्जाम पुरे हो जाते है तो जीवन के एग्जाम शुरू हो जाते है! जीवन के एग्जाम को पास करने के लिए आपको इस चिंता नाम के शब्द को जड़ से मिटाना होता है!

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